रविवार, 30 मई 2010

आसिंधू सिन्धु प्रयांतायाश्य भारत भूमिका । पितृभू पुन्यश्चावे स वे हिन्दू रीती समरी ॥

सिन्धु से लेकर समुद्र तक फैली इस मात्रभूमि को जो अपनी पितृ भूमि और पुण्यभूमि मानता है वही हिन्दू है


शुक्रवार, 5 मार्च 2010

इस तरह न कमाओं की पाप हो जाये

इस तरह खर्च न करो की कर्ज हो

जाये इस तरह न खाओ की बीमार हो

जाओ इस तरह न बोलो की झगडा हो जाये

इस तरह न चलो की देर हो जाये

इस तरह न सोचो की चिंता हो जाये

सोमवार, 22 जून 2009

Dengeriouse

देश और समाज के लिए सात खतरे
बिना सिध्दांत राजनीती
बिना श्रम सम्पति
बिना विवेक सुख
बिना चरित्र ज्ञान
बिना निति व्यापर
बिना दया विज्ञानं
बिना त्याग पूजा

मंगलवार, 16 जून 2009

श्री गणेशाय नमः