रविवार, 30 मई 2010

आसिंधू सिन्धु प्रयांतायाश्य भारत भूमिका । पितृभू पुन्यश्चावे स वे हिन्दू रीती समरी ॥

सिन्धु से लेकर समुद्र तक फैली इस मात्रभूमि को जो अपनी पितृ भूमि और पुण्यभूमि मानता है वही हिन्दू है


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