धर्म नहीं सिखाता आपस में बैर करना `यह बात कितनी सत्य है ? १ शंकराचार्य नें ८ वीं शताब्दी में बुध्मत का सर्वनाश करके वैदिक हिन्दू धर्म की पुनर पर्तिस्था कर दी थी कोई बोध दीपक लेकर ढूँढना पर भी कहीं नंही मिलता था , सम्राट अशोक की मुत्र्यु के बाद शालिश्होक कटर जैन औरंगजेब से भी कट्टर था जिसने तलवार के बल पर गुजरात वगेरा में लोगों को जैन मत स्वीकार कराया प्रजा त्राहि त्राहि कर उठी यवन राजा ग्रीक (बक्ट्रिया) नें भारत पर हमला किया तो प्रजा ने जैन raja se दुखी होकर उसे धर्म्मित्र कहकर स्वागत किया
मंगलवार, 12 जुलाई 2011
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें